डाॅ. मुखर्जी के बताए मार्ग पर चलकर भाजपा विश्व का सबसे बड़ा राजनीतिक दल बना- हेमंत खण्डेलवाल
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश जी, मुख्यमंत्री डाॅ. मोहन यादव एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व विधायक हेमंत खण्डेलवाल ने प्रदेश कार्यालय में डाॅ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती पर आयोजित जिला कार्यकर्ता सम्मेलन को किया संबोधित
(भोपाल) भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री श्री शिवप्रकाश जी, मुख्यमंत्री डाॅ. मोहन यादव एवं भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष व विधायक श्री हेमंत खण्डेलवाल ने रविवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय में डाॅ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती पर स्मरण पक्ष के तहत आयोजित जिला कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित किया। भाजपा के राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री श्री शिवप्रकाश जी ने कहा डाॅ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी दूरदृष्टा थे, उनकी दूरदृष्टि के कारण आज का पश्चिम बंगाल भारत में बना रहा। आजादी के बाद पाकिस्तान तत्कालीन पूर्वी पाकिस्तान के लिए गलियारा मांगकर भारत के फिर टुकड़े करने की योजना में था। डाॅ. मुखर्जी ने पाकिस्तान में हुई बातचीत में देश के अंदर से तत्कालीन पूर्वी पाकिस्तान के लिए गलियारा देने से मना कर पाकिस्तान को दो टुकड़ों में बंटे रहने के लिए मजबूर किया, यह उनकी दूरदृष्टि का ही परिणाम है। डाॅ. मुखर्जी का जीवन हम सभी के लिए स्मरणीय व प्रेरणादायी है। उनके बलिदान के कारण जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग बना है। मुख्यमंत्री डाॅ. मोहन यादव ने कहा कि युग निर्माता डाॅ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने जम्मू-कश्मीर की स्वायत्ता के लिए अपना बलिदान दे दिया। वह जन्मजात प्रतिभा के धनी थे। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाकर डाॅ. मुखर्जी का सपना पूरा किया है। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में भारत चतुर्दिक विकास कर रहा है। आज भारत 90 देशों को रक्षा उत्पाद निर्यात कर रहा है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष व विधायक श्री हेमंत खण्डेलवाल ने कहा कि देश की एकता और अखंडता को मजबूत बनाने में डाॅ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का अहम योगदान है। डॉ. मुखर्जी के विचारों ने राष्ट्रवादी राजनीति की मजबूत नींव रखी है। डाॅ. मुखर्जी के बताए मार्ग पर चलकर भाजपा विश्व का सबसे बड़ा राजनीतिक दल बना है।

डाॅ. मुखर्जी की बनाई उद्योग नीति का अवलोकन कर भारत आज विकसित राष्ट्र बन रहा – शिवप्रकाश जी
भाजपा के राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री श्री शिवप्रकाश जी ने कहा कि आजाद भारत में तत्कालीन प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के नेतृत्व वाली सर्वदलीय सरकार में डाॅ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी उद्योग मंत्री बनाए गए थे। भारत आज जिस उद्योग नीति का अवलोकन कर विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है, वह डाॅ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की बनाई उद्योग नीति है। डाॅ. मुखर्जी ने छोटे उद्योगों, लघु उद्योगों और बड़े उद्योगों के विकास के लिए एक संस्था की स्थापना की थी, वह संस्था है उद्योग विकास निगम। देश को स्वावलंबी बनाने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी कार्य कर रहे हैं, वह कार्य डाॅ. मुखर्जी ने ही शुरू किया था। डाॅ. मुखर्जी ने भारत को स्वावलंबी बनाने के लिए हाथकरघा, व लघु उद्योगों की स्थापना का वृहद अभियान चलाया था। देश के आजाद होने के बाद भारत की शिक्षा प्रणाली को देश की भाषा में और रोजगारपरक बनाने के लिए भी डाॅ. मुखर्जी ने कार्य किया, लेकिन जम्मू-कश्मीर को भारत का अभिन्न अंग बनाने के लिए उनका बलिदान हो गया। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में जो नेशनल एजुकेशन पाॅलिसी लागू की गई है, उसे सबसे पहले डाॅ. मुखर्जी ने ही लागू करने की योजना बनाई थी। वह अद्वितीय प्रतिभा के धनी थे, 33 वर्ष की आयु में बंगाल के कोलकाता विश्वविद्यालय के कुलपति बन गए थे। पहले दीक्षांत समारोह अंग्रेजी में हुआ करते थे। डाॅ. मुखर्जी ने रबीन्द्रनाथ ठाकुर टैगोर को कोलकाता विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह का मुख्य अतिथि बनाकर बांग्ला भाषा में दीक्षांत समारोह आयोजित कराया। बांग्ला भाषा में रिसर्च की पुस्तकें प्रकाशित कराने के साथ भारतीय भाषाओं को आगे बढ़ाने का कार्य भी उन्होंने आजादी के बाद देश में शुरू किया था।

आजादी के बाद देश की अखंडता के लिए पहला बलिदान डाॅ. मुखर्जी ने दिया
भाजपा के राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री श्री शिवप्रकाश जी ने कहा कि देश के आजाद होने के लिए लाखों की संख्या में लोगों ने बलिदान दिए, लेकिन देश के आजाद होने के बाद उसकी अखंडता को बनाए रखने के लिए पहला बलिदान देने वाले महापुरूष डाॅ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी थे। डाॅ. मुखर्जी ने जम्मू-कश्मीर को भारत का अभिन्न अंग बनाने के लिए अपना बलिदान दे दिया। पंडित जवाहरलाल नेहरू के मंत्रिपरिषद से डाॅ. मुखर्जी ने इस्तीफा देने के कई कारण हैं, उनमें सबसे बड़ा और पहला कारण था कि नेहरू सरकार बहुसंख्यक वर्ग की सुरक्षा और सम्मान के लिए कोई ठोस कार्य नहीं कर रही थी। डाॅ. मुखर्जी ने अपने इस्तीफे में इस बात का उल्लेख किया है कि देश के बंटवारे के दौरान नेहरू-लियाकत समझौता जिसे दिल्ली पैक्ट भी कहा जाता है, उसका भारत तो पालन कर रहा था, लेकिन पाकिस्तान पालन नहीं कर रहा था। डाॅ. मुखर्जी इस बात से नाराज थे कि पंडित नेहरू बहुसंख्यक समाज की सुरक्षा और सम्मान के लिए कोई कार्य नहीं कर रहे थे, सिर्फ अल्पसंख्यकों के हितों के कार्यों में लगे थे। नेहरू द्वारा जम्मू-कश्मीर में धारा 370 लगाना इसका सबसे बड़ा प्रमाण है। देश के आजाद होने के बाद अंग्रेजों ने जो चालें चली थीं और देश में मुस्लिम लीग की बढ़ती ताकत के कारण आज के पश्चिम बंगाल को भी देश के बाहर ले जाने का बड़ा षड्यंत्र रचा जा रहा था। बंगाल के संप्रदाय विशेष के एक नेता ने कहा कि हम तो न पश्चिमी पाकिस्तान के साथ रहेंगे और न ही पूर्वी पाकिस्तान यानी बांग्लादेश के साथ रहेंगे। हम स्वतंत्र राज्य रहेंगे। डाॅ. मुखर्जी समझ गए कि पश्चिम बंगाल को पहले अलग राज्य बनाने फिर पाकिस्तान के साथ विलय कर भारत को खंडित करने का षड्यंत्र किया जा रहा है। इसके बाद उन्होंने एक स्थानीय पार्टी के साथ होकर पश्चिम बंगाल को देश का अभिन्न अंग बनाए रखने में अहम योगदान दिया। डाॅ. मुखर्जी अगर नहीं होते तो आज का पश्चिम बंगाल भारत में नहीं होता। उन्होंने कहा कि बंगाल को देश से अलग करने के लिए एक दिन में दस हजार लोगों की हत्याएं कराई गई थीं, लेकिन डाॅ. मुखर्जी की सूझबूझ और दूरदृष्टि से बंगाल भारत में है।

नेहरू द्वारा जम्मू-कश्मीर में धारा 370 लगाने का दंश देश ने वर्षों तक सहा- डाॅ. मोहन यादव
मुख्यमंत्री डाॅ. मोहन यादव ने कहा कि देश के आजाद होने के बाद पंडित जवाहरलाल नेहरू ने जम्मू-कश्मीर को विशेष सुविधाएं दीं, वह देश के लिए बहुत घातक सिद्ध हुई हैं। पंडित नेहरू द्वारा जम्मू-कश्मीर में धारा-370 लगाने का दंश देश ने वर्षों तक सहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाकर देश के मुकुटमणि पर लगा कलंक मिटाने का कार्य किया है। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में देश तेजी से आर्थिक संपन्नता की ओर बढ़ रहा है। वर्ष 2014 के बाद देश में ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिल रहे हैं। पहले जहां-तहां धमाके होते रहते थे, अब भारत दुश्मन को उसके घर में घुसकर मारता है, चाहे सर्जिकल स्ट्राइक हो या ऑपरेशन सिंदूर, सभी में भारत ने अपनी शक्ति का ऐहसास दुनिया को कराया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में देश आज 90 से अधिक देशों को रक्षा उत्पाद निर्यात कर रहा है। मध्यप्रदेश भी करवट ले रहा है, हमारे प्रदेश के शिवपुरी में रक्षा उत्पादन की बड़ी इकाई लगाई जा रही है। कई देशों की बड़ी कंपनियों ने मध्यप्रदेश में निवेश किया है और कई निवेश करने की प्रक्रिया में हैं। इस वर्ष एक जनवरी से 30 जून तक मध्यप्रदेश को 86 हजार करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में भी देश की राजधानी दिल्ली के भारत मंडपम की तर्ज पर ऐतिहासिक कन्वेंशन सेंटर का भूमिपूजन होने जा रहा है। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में भारत आज वैश्विक मंच पर नई पहचान बना रहा है। वर्तमान समय भारत के लिए स्वर्णिम काल है। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में देश विकास, सुशासन और आत्मनिर्भरता की नई ऊंचाइयों को छू रहा है। आज देश के अधिकांश राज्यों में भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की सरकारें जनसेवा और विकास के संकल्प के साथ कार्य कर रही हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के राष्ट्रवादी विचारों को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाकर राष्ट्र निर्माण के इस अभियान को और अधिक सशक्त बनाएं।

डॉ. मुखर्जी का राष्ट्रवादी चिंतन आज भी देश को दिशा दे रहा है
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी दूरदर्शी राष्ट्रनायक थे, जिन्होंने देश के भविष्य की चुनौतियों को समय रहते पहचाना और राष्ट्र की एकता, अखंडता एवं सांस्कृतिक अस्मिता के पक्ष में निर्भीकता से आवाज बुलंद की। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी मात्र 33 वर्ष की आयु में कलकत्ता विश्वविद्यालय के सबसे कम उम्र के कुलपति बने। उन्होंने ब्रिटिश शासन की विभाजनकारी नीतियों का विरोध किया तथा बंगाल के विभाजन सहित राष्ट्रविरोधी षड्यंत्रों के खिलाफ निर्णायक संघर्ष किया। स्वतंत्रता के बाद उन्होंने केंद्र सरकार में उद्योग, आपूर्ति एवं अन्य महत्वपूर्ण दायित्व निभाए, लेकिन राष्ट्रहित के मुद्दों पर कभी समझौता नहीं किया। देश की रियासतों के विलय के समय डॉ. मुखर्जी ने स्पष्ट कहा था कि एक देश में दो विधान, दो निशान और दो प्रधान नहीं चल सकते। जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा दिए जाने का उन्होंने खुलकर विरोध किया और इसी मुद्दे पर केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा देकर भारतीय जनसंघ की स्थापना की। उनका संघर्ष भारत की अखंडता और संविधान की समानता के सिद्धांत के लिए था। डॉ. मुखर्जी का बलिदान देश की एकता और अखंडता के इतिहास में सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में धारा-370 और 35ए को समाप्त कर डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के संकल्प को साकार किया गया। इसके साथ ही जम्मू-कश्मीर पूर्ण रूप से भारत की संवैधानिक व्यवस्था से जुड़ा और राष्ट्र की एकता को नई मजबूती मिली।

डॉ. मुखर्जी के विचारों ने राष्ट्रवादी राजनीति की मजबूत नींव रखी – हेमंत खण्डेलवाल
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष व विधायक श्री हेमंत खण्डेलवाल ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी विचारधारा और कार्यकर्ता आधारित, अनुशासित संगठन है। भाजपा की सबसे बड़ी ताकत उसके संस्कार, विचार, कार्यपद्धति और समर्पित कार्यकर्ता हैं। मध्यप्रदेश के सभी 62 जिलों में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती के अवसर पर कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित किए जा रहे हैं, जिनके माध्यम से उनके राष्ट्रवादी विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है। भारतीय जनसंघ की स्थापना के समय डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने ऐसे राजनीतिक दल की कल्पना की थी, जो केवल सत्ता प्राप्ति का माध्यम नहीं, बल्कि राष्ट्रवाद, संगठन, संस्कार और विचारधारा पर आधारित हो। उस दौर में जब कांग्रेस का वर्चस्व था, तब डॉ. मुखर्जी ने राष्ट्र को सर्वोपरि मानते हुए एक देश, एक निशान, एक प्रधान और एक विधान का संकल्प लिया। उनके द्वारा बोया गया राष्ट्रवाद का बीज आगे चलकर पंडित दीनदयाल उपाध्याय, अटल बिहारी वाजपेयी, कुशाभाऊ ठाकरे सहित अनेक नेताओं ने वटवृक्ष के रूप में विकसित किया। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में जम्मू-कश्मीर से धारा-370 और 35ए को समाप्त कर डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के सपने को साकार किया गया। आज जम्मू-कश्मीर पूर्ण रूप से भारतीय संविधान की भावना के अनुरूप आगे बढ़ रहा है। यदि आज देश की एकता और अखंडता मजबूत है, तो उसमें सरदार वल्लभभाई पटेल के साथ-साथ डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का भी महत्वपूर्ण योगदान है।
भाजपा के लिए बूथ केवल मतदान केंद्र नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की इकाई है
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष श्री हेमंत खण्डेलवाल ने कहा कि भाजपा के लिए बूथ केवल मतदान केंद्र नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की इकाई है। पार्टी का प्रत्येक कार्यकर्ता राष्ट्रहित, विचारधारा और संगठन को सर्वोपरि मानकर कार्य करता है। भाजपा की सबसे बड़ी पूंजी उसका समर्पित कार्यकर्ता है, जिसने अपने अथक परिश्रम और निष्ठा से पार्टी को विश्व का सबसे बड़ा राजनीतिक संगठन बनाया है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक विकास की योजनाओं का लाभ पहुंचाया है। गरीबों को पक्के मकान, बिजली, बैंक खाते, आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से निःशुल्क स्वास्थ्य सुविधा सहित अनेक जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिला है। यही अंत्योदय का विचार भाजपा की कार्यशैली की पहचान है। उन्होंने कार्यकर्ताओं का आह्वान करते हुए कहा कि वे अपने व्यक्तिगत हितों से ऊपर उठकर राष्ट्र सर्वोपरि, विचारधारा सर्वोपरि और संगठन सर्वोपरि के मूल मंत्र को आत्मसात करते हुए डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के विचारों को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाने का कार्य करें।
कार्यक्रम का संचालन जिला अध्यक्ष श्री रविन्द्र यति ने किया तथा आभार श्री राजकुमार विश्वकर्मा ने व्यक्त किया। इस अवसर पर प्रदेश शासन के मंत्री विश्वास सारंग, श्रीमती कृष्णा गौर, भाजपा के प्रदेश महामंत्री राहुल कोठारी, गौरव रणदिवे, प्रदेश मंत्री राजेन्द्र सिंह राजपूत, संभाग प्रभारी डॉ. तेज बहादुर सिंह, महापौर श्रीमती मालती राय, जिला प्रभारी जसवंत सिंह हाड़ा, पूर्व विधायक ध्रुवनारायण सिंह, नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी, जिला महामंत्री मुकेश राय, प्रदीप शेखावत, चेतन भार्गव मंचासिन रहे।
