शासन स्तर और आयोग के चाहे गये प्रतिवेदन समय सीमा में भेजे जायें – कलेक्टर
समय सीमा प्रकरणों की बैठक सम्पन्न
कटनी – कलेक्टर शशिभूषण सिंह ने शासन स्तर से वांछित और विभिन्न आयोग द्वारा चाहे गये जांच एवं कार्यवाही के प्रतिवेदन समय सीमा में भेजने के निर्देश सभी विभाग प्रमुख अधिकारियों को दिये गये हैं। सोमवार को समय सीमा प्रकरणों की समीक्षा बैठक में कलेक्टर ने आयोग से प्राप्त विभिन्न शिकायतों में निराकरण का प्रतिवेदन नहीं भेजने वाले अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस भी जारी करने के निर्देश दिये। इस मौके पर सीईओ जिला पंचायत जगदीश चन्द्र गोमे, एसडीएम बलबीर रमन, डिप्टी कलेक्टर नदीमा शीरी, संघमित्रा गौतम, एसीईओ जिला पंचायत गौरव पुष्प सहित विभाग प्रमुख अधिकारी उपस्थित थे।
सीएम हेल्पलाईन की समीक्षा के दौरान कलेक्टर श्री सिंह ने 13 विभागों के प्रकरण निराकरण का संतुष्टिपूर्ण प्रतिशत 50 प्रतिशत से कम पाये जाने पर इसे बढ़ाने के निर्देश दिये। समीक्षा के दौरान परिवहन विभाग का 100 प्रतिशत, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी का 81.17 प्रतिशत, पशुपालन का 68.42 प्रतिशत, स्कूल शिक्षा 64 प्रतिशत, जल संसाधन 59 प्रतिशत, सामाजिक न्याय 57.39 प्रतिशत और महिला एवं बाल विकास विभाग का संतुष्टिपूर्ण निराकरण 56 प्रतिशत पाया गया। इसी प्रकार कृषि विभाग का 8.3 प्रतिशत, खनिज 9 प्रतिशत, श्रम विभाग का संतुष्टिपूर्ण निराकरण प्रतिशत 17 पाये जाने पर परफॉर्मेन्स सुधारने के निर्देश कलेक्टर ने दिये। सीएम मॉनिट, समय बाह्य प्रकरणों की समीक्षा करते हुये कलेक्टर ने संबंधित विभागों को तय समय सीमा का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिये।
वन नेशन-वन राशन कार्ड के तहत राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन के सभी पात्र हितग्राहियों के आधार सीडिंग की समीक्षा करते हुये जनपद पंचायत और नगर निगम को शत्-प्रतिशत आधार सीडिंग 2 दिवस के भीतर करने के निर्देश दिये। बताया गया कि नगर परिषद् कैमोर, बरही, विजयराघवगढ़ ने शत्-प्रतिशत आधार सीडिंग का कार्य कर लिया गया है। जिले की कुल औषत उपलब्धि 76 प्रतिशत है। कलेक्टर ने दो दिवस के भीतर 100 प्रतिशत करने के निर्देश दिये हैं। कलेक्टर श्री सिंह ने कोविड-19 नियंत्रण और उपचार व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुये बताया कि शासन स्तर से कटनी में मेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिये सैद्धांतिक सहमति प्राप्त हुई है। उन्होने स्थापना के संबंध में शासन स्तर से चाही गई जानकारी शीघ्र भेजने के निर्देश स्वास्थ्य अधिकारियों को दिये हैं। प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेण्डर्स स्वनिधि योजना की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने नगर निगम के अधिकारियों एवं बैंकर्स को लक्ष्यानुसार प्रकरणों में ऋण स्वीकृत एवं वितरण की कार्यवाही करने के निर्देश दिये।
जिला प्रबंधक लोक सेवा दिनेश विश्वकर्मा ने बताया कि सीएम हेल्पलाईन में 23 विभागों के लिये एल-3 अधिकारी जिला कलेक्टर हैं। संबंधित विभाग अपने यहां के फोर्स क्लोज योग्य और प्रकरणों का अंतिम निराकरण कलेक्टर स्तर से जिले में ही करा सकते हैं। इन 23 विभागों में कुल 2383 प्रकरण सीएम हेल्पलाईन के तहत दर्ज है। कलेक्टर ने एक सप्ताह में सभी प्रकरण निराकरण करने के निर्देश दिये।

