शराब के नशे में एक शिक्षक ने आदिवासी छात्र-छात्राओं के साथ की मारपीट
परिजनों का आरोप, जूतो से मारपीट कर गाली गलौज की, मामला पहुंचा पुलिस थाने
(सागर) शिक्षा के मंदिर को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है जहां शासकीय स्कूल में पढ़ने वाले आदिवासी समुदाय के मासूम बच्चों के साथ एक शिक्षक ने शराब के नशे में धुत्त होकर बेरहमी से मारपीट करदी। स्कूल के बच्चों और अभिभावकों का आरोप है कि शिक्षक के द्वारा जूतो से भी मारपीट की गई एवं उसके बाद गाली गलौज भी की गई। मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग मे हडकंप मच गया है। साथ ही विभागीय अधिकारी मामले मे कुछ भी कहने से बच रहे है। वहीँ छात्र छात्राओं के परिजनों ने मामले की शिकायत पुलिस थाना एवं शिक्षा विभाग के अधिकारियों से की है।
मामला सागर जिले के देवरी विकासखंड की ग्राम पंचायत तीतर पानी के ग्राम सिंगपुर स्थित प्राथमिक शाला का है जहां पर ज्यादातर बच्चे आदिवासी समुदाय के पढ़ते हैं। मामला सोमवार 8 जनवरी का है जहाँ छात्र-छात्राओं के अभिभावकों का आरोप है कि ग्राम सिंगपुर के शासकीय प्राथमिक शाला में पदस्थ एक शिक्षक ने शराब के नशे में स्कूल पहुंचकर बच्चों की बेरहमी से जूतों से पिटाई कर दी। जब बच्चों के द्वारा परिजनों को मामले की जानकारी दी गई और परिजन स्कूल पहुंचे तो वहां पर शिक्षक के द्वारा शराब की नशे में बच्चों के परिजनों से भी गाली गलौज की गई। परिजनों का कहना है कि घटनाक्रम के बाद शिक्षक दोपहर के बाद ही स्कूल मे ताला डालकर भाग गया।
बच्चों के माता-पिता के द्वारा पूरे मामले की लिखित शिकायत महाराजपुर पुलिस थाना में की गई है जिसमें उल्लेख किया गया है की शिक्षक देवेंद्र लोधी ने शराब पीकर बच्चों के साथ जूतों से मारपीट की, साथ ही गालीगलौज भी की है। परिजनों का यह भी आरोप है कि उक्त शिक्षक हमेशा शराब के नशे में रहता है और इसी हालत में बच्चों को पढाने आता है। पूरे घटनाक्रम के बाद जब बच्चे रोते हुए अपने अपने घर पहुंचे।बच्चों ने परिजनों को इस बात की जानकारी दी। जहां परिजन स्कूल पहुंचे परन्तु शराबी शिक्षक स्कूल मे ताला डालकर वहां से भाग निकला। पूरे मामले की शिकायत महाराजपुर पुलिस थाना से लेकर शिक्षा विभाग के अधिकारियों से की गई है।
वहीँ पुलिस ने शिकायत आवेदन लेकर जिन बच्चों को चोट के निशान थे उनका देवरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मेडिकल परीक्षण कराया है। यह पूरा मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग मे हडकंप मच गया है। साथ ही विभाग के जिम्मेदार अधिकारी मामले मे कुछ भी बोलने से बच रहे है। इस पूरे मामले को लेकर आदिवासी समुदाय के नेता एवं समाजसेवी जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि मोती गोंड ने शासन प्रशासन के अधिकारियों से पूरे मामले पर उच्च स्तरीय जांच की मांग करते हुए कहा कि आदिवासियों पर कीये गये अत्याचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, एवं दोषी शिक्षकों पर कार्यवाही करने की मांग की है। अब देखना यह होगा कि शासन प्रशासन के अधिकारी उक्त मामले में क्या कार्यवाही करते हैं
✍️ (अमित सिंह राजपूत)
छतरपुर
