हरदा जिले में नकली नोट मामले में बड़े खुलासे की उम्मीद
आरोपी के पकड़ें जाने पश्चात सहयोगियों में फैला खौफ
(हरदा) यश बैंक के एटीएम में 500 के नकली नोट जमा कराने वाले खेड़ीपुरा निवासी मोइनुद्दीन पिता मासूउद्दीन की रिमांड पश्चात पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया है । पूछताछ में आरोपी ने हरदा व खिरकिया क्षेत्र के चार पांच अन्य लोगों के नाम लिए हैं। इसके आधार पर पुलिस संदिग्धों से पूछताछ कर रही है।
इससे पूर्व खिरकिया में 2011 में दुकानों पर नकली नोट चलाने में दो युवकों को दुकानदारों की मदद से पकड़ा गया था । नगर के छीपाबड़ में एक युवक दुकानों पर पहुंचकर 100-100 रुपये के नकली नोट चला रहा था। नोट चलाने के लिए युवक द्वारा दुकानदारों से 10 रुपये का समान लेने के बदले में 100 रुपये का नोट देता और वापस 90 रुपये लेते पकड़ाया था जिसमें गिरफ्तार कर छह आरोपित जेल भेजे गए थे । इस मामले में एक आरोपित सनावद निवासी साजिद शामिल था । इस पर पुलिस ने उन दोनों को धारा 489 बी, 489 सी, 34 में गिरफ्तार कर पुलिस रिमांड के दौरान कड़ी पूछताछ की। जिसमें उसने अपने कई साथियों के नाम उजागर किए थे। हरदा जिले में नकली नोट मामले में पकड़ाएं आरोपी से रिमांड पश्चात कई बड़े खुलासे होने की उम्मीद जताई जा रही है। इसमें हरदा शहर सहित आसपास के जिले के संदिग्ध लोग भी शामिल हो सकते हैं। पुलिस सूत्रों से प्राप्त जानकारी अनुसार इस पर पुलिस अपना काम कर रही है।
तीन जिलों सहित शहरों में फैला नेटवर्क
मिली जानकारी के अनुसार निमाड़ अंचल में नकली नोटों का नेटवर्क सनावद से चल रहा है। जिसके एजेंट हरदा खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन व आसपास के शहरों में सक्रिय हैं। ये लोग बेरोजगार युवकों व रुपए के लालची लोगों को जल्द लखपति बनाने का झांसा देकर असली नोट लेकर नकली नोट बेचते हैं। सरगना द्वारा 1 लाख रुपए के असली नोट लेने के बदले 3 लाख रुपए के नकली नोट दिए जाते हैं। बाजार में 3 लाख के नकली नोट चलाकर सीधे डबल रुपए हो जाते हैं। सनावद में बैठे सरगना को पूर्व में महाराष्ट्र पुलिस नकली नोटों के साथ गिरफ्तार कर चुकी है। इसके बाद भी नकली नोट का कारोबार जारी है।
नकली नोट में हो सकती है आजीवन कारावास
भारतीय दंड संहिता की धारा 489A के तहत ‘करेंसी नोटों या बैंक नोटों की जालसाजी’ के बारे में लिखा है। आईपीसी की ये धारा कहती है कि यदि कसी को एक करेंसी नोट की जालसाजी करते हुए या जानबूझकर उसकी प्रक्रिया में हिस्सा लेते हुए पकड़ा जाएगा तो उसे या तो आजीवन कारावास की सजा सुनाई जाएगी, या फिर दस साल तक के लिए जेल भेजा जा सकेगा और साथ में उसपर जुर्माना भी लगाया जाएगा।
✍️ (मुईन अख्तर खान)
RPKP INDIA NEWS
हरदा
