ऊँचा पद, अधिकार एवं व्यवहार का अस्तित्व…. रवींद्र सिंह (मंजू सर) मैहर की कलम से
“यदि संसार में अपना अस्तित्व टिकाना हो, तो आपको कुछ काम करना पड़ेगा। मुफ्त में यहां कुछ नहीं मिलता।”
जब आप योग्यता पूर्वक कुछ अपना काम करेंगे, कुछ दूसरों का भी सहयोग करेंगे, अर्थात अपने लिए, परिवार के लिए, समाज के लिए, और देश के लिए भी कुछ काम करेंगे, तभी लोग आपसे प्रभावित होंगे।”
“जब लोग आपकी योग्यता से प्रभावित होंगे, तब आपको कुछ सहयोग देंगे।” “चाहे आप व्यापार करके धन कमाएं, चाहे नौकरी करके वेतन प्राप्त करें, उस धन से आप अपना जीवन सुखपूर्वक चला सकेंगे।
रवींद्र सिंह मंजू सर मैहर की कलम कहती है की “धन के साथ-साथ समाज में अपना ठीक-ठीक अस्तित्व बनाए रखने के लिए कुछ सम्मान भी चाहिए। “परिवार समाज अथवा देश के लोग आपको धन और सम्मान तभी देंगे, जब आप उन्हें अपने उत्तम गुणों तथा योग्यता से प्रभावित करेंगे।”अब दूसरों को प्रभावित करने के दो मुख्य कारण हैं। पहला — “आपके पास कोई ऊंचा पद, अधिकार, सत्ता, या शक्ति हो।” और दूसरा कारण — “आपका व्यवहार दूसरों के साथ न्यायपूर्ण एवं उत्तम सभ्यतापूर्ण हो।” इन दो कारणों से प्रायः लोग प्रभावित होते हैं।इनमें जो पहला कारण है, वह अस्थाई है। अर्थात “जब तक आप किसी ऊंचे पद पर बने रहेंगे, आपके पास वहां की सत्ता और अधिकार होंगे, शक्ति होगी, तभी तक लोग आपका सम्मान और सेवा करेंगे। चाहे वह किसी कंपनी में प्रबंधक, मुख्यमंत्री या प्रधानमंत्री का पद भी क्यों न हो!”
रवींद्र सिंह मंजू सर मैहर की कलम कहती है कि “पद छोड़ने के बाद फिर लोग आपका वैसा सम्मान और सेवा नहीं करेंगे।” यह कारण उनको उनकी बुद्धि तक प्रभावित करता है।अन्यों को प्रभावित करने का दूसरा कारण जो है, वह स्थाई है। अर्थात “आपका दूसरों के साथ न्यायपूर्ण एवं उत्तम व्यवहार।””यह उनको उनके हृदय तक प्रभावित करता है।” “इस कारण से लोग आपका सम्मान और सेवा अधिक करेंगे। जीवन भर करेंगे। इतना ही नहीं, आपके संसार से जाने के बाद भी, सम्मान पूर्वक आपका नाम लेंगे, आपके गुणों का व्याख्यान करेंगे। आपकी सुप्रसिद्धि एवं प्रशंसा, आपके संसार से जाने के बाद भी, पचासों, सैंकड़ों वर्षों तक बनी रहेगी। या इससे अधिक भी रह सकती है।
रवींद्र सिंह मंजू सर मैहर की कलम कहती है कि””इसलिए यदि आप दूसरों को प्रभावित करना चाहते हों, उत्तम जीवन जीना चाहते हों, तो ऊपर जो दूसरा कारण बताया है, “दूसरों के साथ न्यायपूर्ण एवं उत्तम व्यवहार करना”, इसके अनुसार सब के साथ न्यायपूर्ण एवं बुद्धिमत्तापूर्ण उत्तम व्यवहार करें।”
✍️ रवीन्द्र सिंह (मंजू सर)
RPKP INDIA NEWS
मैहर
