नेशनल हाईवे से मृत पशुओं को न हटवाने व घायलों का उपचार नहीं कराने पर तीन अधिकारियों से जवाब तलब कलेक्टर श्री यादव ने तहसीलदार, सीईओ बहोरीबंद एवं पशु चिकित्सक को जारी किया कारण बताओ नोटिस

(कटनी) जबलपुर – कटनी राष्ट्रीय राजमार्ग 30 के स्लीनाबाद तहसील अंतर्गत ग्राम छपरा मे गौवंश के सड़क दुर्घटनाओं के बाद घायल और मृत पशुओं के संबंध मे समुचित कार्यवाही नहीं करने पर कलेक्टर श्री दिलीप कुमार यादव ने तीन अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर तीन दिवस के भीतर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए है।  कलेक्टर श्री यादव ने तहसीलदार स्लीमनाबाद सारिका रावत और जनपद पंचायत बहोरीबंद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभिषेक कुमार सिंह को जारी नोटिस मे उल्लेखित किया है कि 27 अगस्त की रात्रि करीब 1 बजे गौवंश राष्ट्रीय राजमार्ग पर दुर्घटनागस्त होकर घायल व मृत पड़े थे। जिसकी जानकारी आपको होने के बावजूद भी मृत पशुओं को नहीं हटाया गया और घायल मवेशियों का उपचार भी नहीं कराया गया। जिससे सड़क मार्ग अवरूद्ध और बाधित रहा। जिससे दुर्घटना की संभावना बनी रहीं। ग्राम पंचायत द्वारा भी इसकी निगरानी नहीं की गई। इसी प्रकार कलेक्टर श्री यादव ने पशु चिकित्सा विस्तार अधिकारी बहोरीबंद डॉ नेहा सुरेश्वर को जारी कारण बताओ नोटिस मे भी मृत व घायल मवेशियों की स्थिति का जिक्र करते हुए उल्लेखित किया है कि पशु चिकित्सा पेट्रोलिंग वाहन द्वारा रात्रि व प्रातः पेट्रोलिंग का कार्य यदि दिये गए निर्देशानुसार किया जाता तो यह स्थिति उत्पन्न नहीं होती। साथ ही हाईवे मंे घटित इस घटना की जानकारी आपके द्वारा जिला कंट्रोल रूम, संबंधित एस.डी.एम और तहसीलदार से समन्वय कर प्रदान नहीं की गई। जो वरिष्ठ अधिकारियों व शासन से प्राप्त निर्देशों का उल्लंघन किया जाना परिलक्षित करता है।  कलेक्टर श्री यादव ने तीनों अधिकारियों से तीन दिवस के भीतर कारण बताओ नोटिस का जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए है। निर्धारित अवधि में जवाब प्रस्तुत नहीं करने और प्रस्तुत जवाब समाधान कारक नही पाये जाने की स्थिति मे मध्यप्रदेश सिविल सेवा वर्गीकरण नियंत्रण तथा अपील नियम के तहत अनुशासनात्मक कार्यवाही प्रस्तावित की जायेगी। विदित हो कि कलेक्टर श्री यादव ने बीते 23 अगस्त को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत संपूर्ण कटनी जिले की सीमान्तर्गत गौवंश और घुमंतु पशुओं के विचरण से सड़क दुर्घटना से मृत्यु एवं जनहानि होने की संभावना को देखते हुए प्रतिबंधात्मक आदेश जारी कर मुख्य सड़क मार्गाे के आसपास के गांवों में मुनादी कराकर सुरक्षा व्यवस्था करने हेतु निर्देशित किया गया था। साथ ही समय- समय पर वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से भी अधिकारियों को निर्देशित किया था। लेकिन निर्देशों का पालन नहीं करना पदीय दायित्व के निर्वहन मे घोर लापरवाही, उदासीनता एवं कदाचरण की श्रेणी मे आता है।

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